ईरान का अमेरिका को बड़ा प्रस्ताव
- ईरान ने अमेरिका को यूरेनियम पर दिया नया प्रस्ताव
- क्या तीसरे देश भेजा जाएगा ईरान का यूरेनियम?
- Iran-US Nuclear Deal पर नई उम्मीद या नई चाल?
ईरान का बड़ा प्रस्ताव!
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को अपने यूरेनियम भंडार को लेकर बड़ा प्रस्ताव दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने सुझाव दिया है कि वह अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) का एक हिस्सा कमजोर करेगा और बाकी को किसी तीसरे देश में ट्रांसफर कर सकता है।
यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को “Totally Unacceptable” बताया, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि वॉशिंगटन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नियंत्रित करना चाहता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान चाहता है कि यदि बातचीत विफल हो जाती है या अमेरिका समझौते से पीछे हटता है तो तीसरे देश भेजा गया यूरेनियम उसे वापस कर दिया जाए। इसके अलावा तेहरान ने परमाणु केंद्रों को बंद करने की अमेरिकी मांग को भी ठुकरा दिया है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि जब तक ईरान का संवर्धित यूरेनियम पूरी तरह हटाया नहीं जाता, तब तक युद्ध खत्म नहीं माना जा सकता। इजरायल और अमेरिका दोनों का दावा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम भविष्य में बड़ा सुरक्षा खतरा बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह प्रस्ताव सीधे तौर पर युद्ध टालने और प्रतिबंधों में राहत पाने की कोशिश है। हालांकि अमेरिका चाहता है कि ईरान लंबे समय तक यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करे, जबकि तेहरान केवल सीमित अवधि के लिए ऐसा करने को तैयार है।
इस पूरे विवाद का असर वैश्विक तेल बाजार और हॉरमुज़ जलडमरूमध्य पर भी पड़ रहा है। ईरान ने संकेत दिया है कि अगर समझौता आगे बढ़ता है तो वह समुद्री रास्तों पर लगी पाबंदियों को कम कर सकता है।
Iran-US Nuclear Deal: ईरान के नए यूरेनियम प्रस्ताव से दुनिया में हलचल
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को अपने यूरेनियम भंडार को लेकर नया प्रस्ताव देकर वैश्विक राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने सुझाव दिया है कि वह अपने Highly Enriched Uranium यानी अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का एक हिस्सा किसी तीसरे देश में ट्रांसफर करने के लिए तैयार है। इस प्रस्ताव को अमेरिका और ईरान के बीच संभावित परमाणु समझौते की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। ईरान
बताया जा रहा है कि ईरान चाहता है कि अगर भविष्य में अमेरिका समझौते से पीछे हटता है तो तीसरे देश में रखा गया यूरेनियम उसे वापस कर दिया जाए। वहीं अमेरिका और इजरायल इस प्रस्ताव को लेकर पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वॉशिंगटन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नियंत्रित देखना चाहता है। ईरान का अमेरिका
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी साफ कहा कि जब तक ईरान का संवर्धित यूरेनियम पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक खतरा बना रहेगा। इजरायल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपनी सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह प्रस्ताव युद्ध का खतरा कम करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से राहत पाने की कोशिश हो सकता है। हालांकि तेहरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपने परमाणु केंद्र पूरी तरह बंद नहीं करेगा।
ईरान ने अमेरिका को यूरेनियम तीसरे देश भेजने का प्रस्ताव दिया। परमाणु समझौते और मिडिल ईस्ट तनाव के बीच दुनिया की नजरें बातचीत पर टिकीं। ईरान
